शेष स्टॉक 650 क्विंटल से अधिक फिर भी अंधाधुंध आबंटन जारी,जेवरा PDS में स्टॉक का खेल?

PDS दुकानों में स्टॉक का खेल? हर महीने बढ़ रहा शेष चावल,गोदामों में नहीं दिख रहा स्टॉक फिर भी जारी हो रहा अंधाधून मूल आवंटन
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों में चावल के स्टॉक को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ PDS दुकानों के रिकॉर्ड में हर महीने शेष स्टॉक बढ़ता जा रहा है, जबकि दूसरी ओर गोदामों में पर्याप्त चावल उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर रिकॉर्ड में दर्ज यह चावल जा कहां रहा है?
जानकारी के अनुसार जेवरा PDS दुकान में 650 क्विंटल से अधिक चावल का स्टॉक दर्ज बताया जा रहा है शेष स्टॉक होने की जानकारी सामने आई है। इतनी बड़ी मात्रा में चावल का स्टॉक लगातार शेष रहने को लेकर खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। क्योंकि आखिर सैंकड़ो क़्विंटल चावल गोदाम मे है तो उन्हें हर महीने अंधाधुन मूल आवंटन कैसे जारी हो रहा है
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यदि हर महीने हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है, तो शेष स्टॉक में लगातार बढ़ोतरी कैसे हो रही है? वहीं यदि रिकॉर्ड में स्टॉक मौजूद है, तो भौतिक सत्यापन में वास्तविक स्थिति क्या है?
मामला सामने आने के बाद अब PDS दुकानों के स्टॉक रजिस्टर, ऑनलाइन रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद वास्तविक चावल का मिलान कराने की मांग उठ रही है। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि जेवरा PDS दुकान में दर्ज शेष स्टॉक वास्तव में गोदाम में मौजूद है या केवल रिकॉर्ड में दर्ज है।
अब बड़ा सवाल यह है कि सैकड़ों क्विंटल चावल का यह शेष स्टॉक आखिर कहां है? खाद्य विभाग द्वारा यदि निष्पक्ष जांच और भौतिक सत्यापन कराया जाता है, तो पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकती है। लेकिन खाद्य विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं आखिर विभाग क्यों नहीं दे रहा ध्यान ऐ सबसे बड़ा सवाल है अब देखना होगा की खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग जागती है या फिर अपने जिम्मेदारियों को अनदेखी कर आँख मुंदे रहती है
नोट – भाग 2 मे बतायेगे पूरी स्टोरी